1. अलसी के बीज और इसके तेल (जिसे flaxseed oil या linseed oil भी कहते हैं) में Alpha-linolenic Acid (ALA) नामक तत्व होता है जो एक प्रकार का ओमेगा-3 फ़ैटी एसिड (omega-3 fatty acid) है और इसमें चिकित्सकीय गुण होते हैं.
2. अलसी के बीज का उपयोग खान-पान में मेसोपोटामिया सभ्यता काल से हो रहा है. भारत में भी यह आयुर्वेदिक उपचारों, भोज्य पदार्थ बनाने में प्रयुक्त होता रहा है. विज्ञान की नई खोजों से पता चला है कि अलसी कई प्रकार के रोगों और सामान्य स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है. दुनिया के अनेक देशों में अलसी या Flaxseed लोकप्रिय और स्वास्थ्यप्रद आहार के रूप मे जाना जाता है.
3. आयुर्वेद में अलसी को मंदगंधयुक्त, मधुर, बलकारक, किंचित कफवात-कारक, पित्तनाशक, स्निग्ध, पचने में भारी, गरम, पौष्टिक, कामोद्दीपक, पीठ के दर्द ओर सूजन को मिटानेवाली कहा गया है.
4. इसके बीजों को गरम पानी में उबालकर या इसके साथ एक तिहाई भाग मुलेठी का चूर्ण मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से खूनी दस्त और और मूत्र संबंधी रोगों में लाभ होता है.
5. ओमेगा-3 फ़ैटी एसिड हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं. ये सबसे अधिक मात्रा में समुद्री मछलियों से प्राप्त होता है लेकिन शाकाहारी लोग पर्याप्त मात्रा में अलसी का सेवन करके इसके लाभ प्राप्त कर सकते हैं. माना जाता है कि अलसी हमारे दिल को स्वस्थ रखती है.
6. अलसी के बीज में आयरन, जिंक, पोटैशियम, फोस्फोरस, कैल्शियम, विटामिन सी, विटामिन ई, कैरोटीन तत्व पाए जाते हैं.
फोटो स्रोत
7. अलसी के बीज का सेवन त्वचा को स्वस्थ और स्निग्ध बनाता है, नाखून को मजबूत और चिकना बनाता है, नेत्र-दृष्टि बरक़रार रखता है, बालों को टूटने से रोकता है और डैंड्रफ भी दूर करता है. यह त्वचा की बीमारियों एक्जिमा, सोराइसिस के उपचार में भी कारगर माना गया है.
8. अलसी के बीज लिग्नांस का बहुत अच्छा स्रोत है, जोकि एस्ट्रोजन और एंटी ओक्सिडेंट गुणों से भरपूर है. इसी वजह से यह औरतों के हार्मोनल बैलेंस के लिए बहुत सहायक होता है.
9. इन्हें खाली खाएं, हल्का भून कर खाएं अथवा सलाद या दही में मिलाकर खाएं, चाहे तो जूस में मिलाकर पियें. यह जूस के स्वाद को बिना बदले उसकी पोषकता कई गुना बढ़ा देगा.
10. Flaxseeds या अलसी के बीज ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने, हाइपरटेंशन के रोगियों के लिए, ब्लड शुगर कंट्रोल में अत्यंत लाभदायक है.
11. यह बीज विटामिन बी काम्प्लेक्स, मैगनिशियम, मैगनीस तत्वों से भरपूर है जोकि कोलेस्ट्रोल को कम करते है.
12. अलसी में Poly Unsaturated fatty acids होता है जो कि विशेष रूप से ब्रेस्ट, प्रोस्टेट और कोलन कैंसर से बचाव करता है.
13. इन बीजों में पाए जाने वाला अल्फा-लिनोलेनिक एसिड जोड़ो की बीमारी आर्थराइटिस के लिए और सभी तरह के जॉइंट पेन में बहुत राहत दिलाता है.
14. गर्भवती स्त्रियों और स्तनपान कराने वाली माताओं को इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. आज भी शहरो और कस्बों के कई परिवारों में ऐसी स्त्रियों को अलसी के बने लड्डू और अन्य भोज्य पदार्थ दिए जाते हैं. यह इस बात का प्रमाण है कि हमारे पूर्वज अलसी का महत्व अच्छी तरह जानते थे पर हम इन्हें भुलाकर सिर्फ दवाइयां खाने में विश्वास करने लगे.
15. अलसी के बीज Omega 3 fatty acids का बहुत अच्छा स्रोत माने जाते हैं. ओमेगा3 फैटी एसिड्स की कैप्सूल्स का यह अच्छा विकल्प भी है. डाईटिशियन और डाक्टर भी आजकल इसे खाने की सलाह देते है.
16. यह बीज फाइबर से भरपूर होते हैं अतः यह वजन घटाने में भी बहुत कारगर है.
17. महिलाओं में रजोनिवृत्ति के दौरान होने वाली समस्याओं में भी अलसी के उपयोग से राहत मिलती है. यह देखा गया है कि माइल्ड मेनोपॉज़ की समस्या में रोजाना लगभग 40 ग्राम पिसी हुई अलसी खाने से वही लाभ प्राप्त होते हैं जो हार्मोन थैरेपी से मिलते हैं.
18. अलसी किडनी संबंधित समस्याओं में भी लाभकारी है. डायबिटीज़, कैंसर, ल्यूपस, और आर्थ्राइटिस आदि रोगों में भी इसके प्रभावों पर रिसर्च की जा रही है.
19. अलसी के बीज एंटी बैकटिरियल, एंटी फंगल और एंटी वायरल होते है. इनका उपयोग शरीर की रोगप्रतिरोधक-क्षमता बढाता है.